रामचंद्र कह गये सिया से ऐसा कलयुग आएगा,देश में होगी भुखमरी, बेरोज़गारी वो उसे ही विकास बतलायेगा

पहले हेलीकाप्टर नेता आयेअब हेलीकाप्टर पत्रकारिता आ गई…विकसित होने का रास्ता या दिवालियापन…

प्यार के बिना जीवन उस वृक्ष की तरह है,जिस पर कभी फल नहीं लगते हैं।

तजुर्बा चाहे जितना भी कर लीजिए ज़िंदगी का साहबहर एक मोड़ पर नई राह दिखाती है ज़िन्दगी…

दरिया आँखों में था फिर भी प्यास रहीज़िन्दगी भर ज़िन्दगी की तलाश रही

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