माँ बाप तो हर औलाद को बहुत अच्छे मिलते है मगर हर माँ-बाप को अच्छी औलाद नही मिलती

अहमियत दी तो कोहिनूर खुद को मानने लगे, कांच के टुकड़े भी क्या खूब वहम पालने लगे.

मोहब्बत में काम आई कोई दवा न दुआ मुझे. जब दे सकी शिफ़ा न किसी की दवा मुझे ...

मां हमारी पहली गुरू जो दुनिया का सारा तजुर्बा दिया है इसलिए मां का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा माना जाता है...

इस संसार में सबसे सुखी वह व्‍यक्ति है, जो अपने घर में शांति पाता है...

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