मेरी काटों जैसी जिंदगी में फूल भर जाना,
प्रिय तुम बर्तन धुलने के बाद ऑनलाइन आ जाना...
निगाहें आज भी उनकी याद में बेचैन रहती हैं,
ये दिल उदास रहता है जुबां खामोश रहती हैं,
जब मयस्सर दीदार उनका ख्वाब में होता है,
तब नींदें हराम होती हैं आंखें रो पड़ती हैं..!!
विरक्ति
नींदें वापस कर दी हमने,,सुकून भरी रातों को।
किताबों के संग ' हर रात बितानी थी, आँखों को।।
सेजल
ख्वाब झूठे ही सही लेकिन
तुमसे मुलाकात तो करवाते हैं
ᵈ᭄•समंदर...༈
किसी के दुख पे अगर हम मलाल करते हैं ,
अजीब लोग हैं उल्टा सवाल करते हैं ।
🦋 देवदास 🦋