जीत की आदत अच्छी होती है मगर, कुछ अपनों के लिए हार जाना भी बेहतर होता है..!!

बढ़ रहा है ज़िंदगी का कैनवस हर दिन मगर रंग गहरा अब नहीं दिखता किसी तस्वीर में राघवेंद्र द्विवेदी

आपसे बिछड़े तो ख़ुद को और बेहतर कर लिया आँख दरिया कर न पाए दिल को पत्थर कर लिया !!

दर्द से मेरा दामन भरदे या अल्लाह...

अपने हीं हाथो से अपनी कश्ती डूबाई है.. क्या करोगे जानकर मेरे बारे में जीवन बस शब्दों की तुरपाई है..!

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