✯||मजबूत रिश्ते और
कड़क चाय धीरे धीरे ही बनते हैं...||✯ᵈ
✯ᵈ᭄•समंदर...༈
सुख और दुःख में संतुलन बना कर,
बिना विचलित हुए,
आगे बढ़ना ही जीवन का खूबसूरत अभिनय है..!!
कर्ता करे न कर सकै , शिव करै सो होय ,
तीन लौक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा ना कोय
सच में अक्सर ऐसा होता
जब भी मेरे मन
और संघर्ष के बीच युद्ध होता है
सोचते अब लड़ के खड़ा हुए की
फिर लड़खड़ा के गिर ही जाते हैं
शायद यही असल ज़िंदगी का
यथार्थ मतलब है।
नेहा यादव
अगर तुम बिन GOAL के सुबह उठ रहे हो,
तो दोस्त तुम फिर वापस सो जाओ..!!