उस दिन साढ़ी मैं थी वो बिना मेकअप के मेरी सांस थम गई थी क्या कयामत दिख रही थी...| ᵈ᭄•समंदर...༈

सांवला रंग, मीठी जुबां, थोड़ी सी नशीली हो अच्छा सुनो.... तुम और तुम्हारी चाय दोनों एक जैसी हो.....!!

ना जाने कौन सी दौलत है तुम्हारे लहज़े में,बात करते हो तो दिल खरीद लेते हो….

मेरा दर्द भी इन मोतियों की तरह बिखरा पड़ा रहता हैं, धागे में पिरोने की कोशिश करूं तो धागे भी टूटने लगते हैं

वो वक्त और था जब दिल से मुस्कुराया करते थे.. अब चेहरे की खुशी का दिल से कोई वास्ता नहीं..!!

Translate »