जब जब तू गीत मोहब्बत के गाएगी,
मेरी रूह को अपने आसपास ही पाएगी,
और नहीं हुआ मुकम्मल इश़्क़ तो ग़म मत करना,
मैं मौजूद रहूंगा तेरे संगीत में, जब भी तू साज बजाएगी..!!
विरक्ति
हर बात पर शुक्र करना ये भी अल्लाह पाक की
नेमत है, कयोंकि अल्लाह पाक शुक्र करने की
तौफीक उन्हीं को देता है, जिससे वो राजी होता है
जीवन में हमेशा एक दूसरे को,
समझने का प्रयत्न करे परखने का नहीं...
शिक्षा का अर्थ केवल शिक्षित होना या नौकरी पाना नही होता; शिक्षा का अर्थ होता है अपना ‛उज्ज्वल चरित्र’ बनाना होता है। शिक्षा से हमें अहंकार नही सदाचार प्राप्त होता है और आचरण शुद्ध होता है। शिक्षा से ही स्वयं...
मैं कियूं करूं तुम्हारी बातों पर गुस्सा, जब मुझे पता हैं की तुम्हारे पास दिमाग नही हैं...||