चढ़ते हैं चढ़ाइयाँ बनाकर सीढ़ियाँ जिन काँधों पर, फतह होते ही मंज़िल लतियाकर गिरा देते हैं लोग.

जिनकी आंखें बात बात पर भीग जाती हैं, वो कमज़ोर नहीं दिल के साफ होते हैं....

तुम जब से अतीत हो गए हो वर्तमान बहुत गंभीर हो गया है। सौरभ

मैं मगन डमरू की धुन पर नाचूँ । तुम दशाश्वमेध' का राग हो जाओ। मैं तुमको छूऊं जलकर राख हो जाऊं । तुम मणिकर्णिका की आग हो जाओ...

किसने कहा तू अकेला है ,आईने में जा के देख.. दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान तेरे सामने खड़ा है..!!

Translate »