किसी से हमेशा दिल से जुड़ें, मतलब से कभी नहीं....

देख तेरे "इंतज़ार" में आंखों ने "लहू" छोड़ा है, "दुनिया" समझती है रगड़ने से "लाल" हुई हैं..!! विरक्ति

मेरा बुरा वक्त क्या आ गया आज अंधों को भी मेरे में कमियां दिखने लगी!!

तुम रूठना तो ऐसे रूठना जैसे माॅं रूठती ही माॅं मेरी सुबह की बात शाम तक भूल जाती है... सपना गर्ग

शाम ख़ामोश है पेड़ों पे उजाला कम है लौट आए हैं सभी, एक परिंदा कम है फ़हीम जोगापुरी

Translate »