कभी कभी दिल यूं भारी होता, जैसे सीने पे पहाड़ रख दिया हो किसी ने

सावन का महीना है तू घर से निकली भी नहीं माना कि खूबसूरत है तू, मगर इतनी भी नहीं। ~सौरभ

पहले बारिश होती थी तो तुम याद आते थे , अब जब याद आते हो तो बारिश होती है ..!!

काश ये सिर्फ शायरी ना होकर हकीकत हो जाती, जी भरकर देख लेता तुझे अश्कों की बरसात हो जाती..!! विरक्ति

काश ये सिर्फ शायरी ना होकर हकीकत हो जाती, जी भरकर देख लेता तुझे अश्कों की बरसात हो जाती..!! विरक्ति

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