विधान को चुनना ज़ुबान को नहीं संविधान को चुनना अज्ञान को नहीं किसान को चुनना निशान को नहीं जवान को चुनना सुल्तान को नहीं ईमान को चुनना बेईमान को नहीं मुस्कुान को चुनना गुमान को नहीं मकान को चुनना मसान...
आप का क़द नहीं आप की विनम्रता आपकों बड़ा बनाती है
जो मुश्किलों से मैंने सिखाया था उस को दोस्त उसने वो इश्क करके दिखाया किसी के साथ
बहुत कम लोग है जो मेरे दिल को भाते है,और उससे भी कम लोग मुझे समझ पाते है।
तुमने मेरी आंख में शाय़द झांक कर नहीं देखातुम मेरे करीब से इतना बचकर निकल गये