इतवार की सुबहइत्मीनान वालासुकून चाहती हूंकोई हो जग जाएमुझसे पहले मेरे लिएताकि सो सकूँ औरमेरी चिंता कर पाए।कहे सबसे धीरे सेसोने दो उसे ज़राथकी हुई सी आजउसे आराम जी भरतसल्ली से करने दोसोती रहूँ बेफिक्र सेकरे मेरी फ़िक़्र ज़राकहे सब...

देश चलता नहीं,मचलता है,मुद्दा हल नहीं होता सिर्फ उछलता है,जंग मैदान पर नहीं,मीडिया पर जारी है,आज तेरी तो कल मेरी बारी है।

कागा सब तन खाइयो।चुन चुन खाइयो माँस।।दो नैना मत खाइयो।मोहे अच्छे दिन की आस।।

उसने लिखी मेरी लिए कई ग़ज़लें ढेरों कविताएँ ख़ूबसूरत नज़्में मगर मैंने सिर्फ़ उसका नाम लिखा दिल पे और अपना बना लिया

तीर्थंकर महावीर ने कहा-सोचो.शंका करो क्योकि सत्य केअनेक कोण होते हैप्रश्न करो.तब सत्य को पहचानोजरूरी नही कि वही शाश्वत सत्य है जो कभी किसी ने लिख दिया थामगर साथ ही हर बात में ‘शायद’ का ध्यान अवश्य रखना यही 'स्यादवाद...

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