कुछ लड़कियां 30 सेकंड की reels के लिए, अपनी इज्जत को दांव पर लगाने को तैयार हो जाती हैं।

लहू में घरौंदा कर के अहसास बैठे थे नस नस से उभर कर वो आज तूलिका के द्वार से फलक पर उतर रहे हैं लोग ये समझ रहे हैं मैं तेरी #तस्वीर बना रहा हूं हकीकत में तो मैं तूलिका की आंखों से तुझे देख रहा हूं.... मैं कहां #तस्वीर...

पुराने यार भी आपस में अब नहीं मिलते... न जाने कौन कहाँ दिल लगा के बैठ गया...

ख़ुद से ही भाग रही हूँ क्या ढूँढ रही हूँ मालूम नहीं क्या पाना है जानती नहीं भटक रही हूँ एक न ख़त्म होने वाले सफ़र में चल रही हूँ इन काँटों से भरे रास्तों पे न कोई ख़ुशी है...

कमाने वाले को पता होता है पैसे कैसे कमाए जाते हैं, बैठके खाने वाले लोग हाथ का मैल कह देते हैं। अनवर चतुर्वेदी

Translate »