दौलत देखकर मैंने कभी रिश्ते नहीं बनाए..
मैंने बड़े बड़े रईसों को ऊपर खाली हाथ जाते देखा है..!!
इतना कामयाब हर इंसान को बनना चहिए,
की आपके होते हुए,
आपके मां बाप को किसी और के आगे हाथ न फैलाना पड़े!..
पिघल रही गलेशियर ...
दरारों को देखिए
बड़े बड़े चट्टान
टूटते देखिए
जलवायु परिवर्तन
मनुष्यता देखिए
अपने ही पैरों से
सकूं रौंदते देखिए
गगन चुंबी इमारत
आधुनिकता देखिए
छोड़ रहे दूषित वायु
परिवर्तन देखिए
विलुप्त जमी जंगल
मौसम देखिए
बेमौसम की मार
आफत देखिए ..!!
हम इंसान हैं ,
मैं चाहता हूं कि इस वाक्य की सच्चाई बनी रहे..!!
वक़्त ने फसाया है लेकिन मैं परेशान नहीं हूं,
हालातों से हार जाऊं मैं वो इंसान नहीं हूं !