नियम के बिना और अभिमान के साथ किया गया तप व्यर्थ ही होता है। वेदव्यास

रोटी कमाना बड़ी बात नहीं, परिवार के साथ रोटी खाना बड़ी बात है...

"जिन्हें ईश्वर ने हृदय और परख दी है, वे आदमियों की पोशाक नहीं देखते, उनके गुण और चरित्र देखते हैं।" मुंशी प्रेमचंद

मंज़िल मिलने पर सुनाएंगे सफ़र की दास्ताँ , क्या क्या छीन गया हमसे यहां तक पंहुचते पंहुचते

कौन आगे है, कौन पीछे इससे मुझे क्या? मेरा मुकाबला ख़ुदसे है, औरों से नहीं।

Translate »