वक़्त चलता गया पानी के नज़ारों की तरह चाहे कितना किया कश्ती से किनारा हमने याद है शाम वो ठहरी तेरी पहली वो नज़र तब से खोई है हर इक साँस हमारी हमने

अब वो किसी और से कहता होगातुम ही मेरी पहली और आखिरी मोहब्बत हो ...!!

प्रेम से बढ़कर त्याग हैदौलत से बढ़कर मानवतापरन्तु सुंदर रिश्तों से बढ़करइस संसार मे कुछ भी नहीं !!

मन से जुड़कर तुझे तौलती हूं ,मैं हम से जुड़कर हमसे महकती हूं .. !!

हराम की कमाई से शक्लें तो तो सवार सकते हो,नस्लें नहीं !!

Translate »