दोनों ही पक्ष आए हैं तैयारियों के साथ हम गर्दनों के साथ हैं वो आरियों के साथ

जिंदगी भर डर डर के रिश्तों को, निभाने से बेहतर है अलग हो जाना...

नफ़रत के खेल में बस ख़ून है, मुहब्बत करो, इसमें सुकून है।

सूखे कपड़ों से नमी निकाल रहा है, वो मुझमें कुछ यूं कमी निकाल रहा है।

मत पूछ मेरी बेबसी का सबब क्या है, पहले पिघलाया फिर पत्थर किया था..!!

Translate »