बेहिसाब उधड़ी पड़ी हैं ख्वाहिशों की चादरें कोई दर्जी सलीखे का शहर में बिठाया जाए!

चश्मदीद अंधा बना‚ बहरा सुने दलील; झूठों का है दबदबा‚ सच्चे हुए ज़लील।

जितनी शिद्दत से आप दुश्मनी निभाते हैं, काश ! उतनी शिद्दत से दोस्ती भी निभाई होती...!

ख़्वाहिशों पर पाबंदी ख़्वाबों पे पहरा है , कौन समझेगा दर्द मेरा कितना गहरा है।।

सपने में बिछड़े हुए लोगों का मिलना , डेटिंग का सबसे दर्दनाक रूप है...!!!

Translate »