सदैव प्रसन्न रहिए, जो प्राप्त है वही प्रयाप्त है....

रिश्ते भी इमारत की तरह होते हैं , हल्की-फुल्की दरारें नज़र आए तो इमारत तोड़िये नहीं मरम्मत कीजिए !

इतिहास और वर्तमान साक्षी हैं युद्ध का प्रमुख कारण सदैव भूमि और धर्म ही रहा है

तेरी मंज़िल तेरा हौसला आज़माएगी, किसी भी बात से सपने टूटने का डर दिखाएगी। हिम्मत मत हारियो, ठोकर ही तुझे दोबारा चलना सिखाएगी।

बिन मेहनत तरक्की चाहकर, रूपयों से खुशियां छांट लेते हैं, स्वाभिमान बेचकर अपना, वो किसी के भी तलवे चाट लेते हैं..

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