मैं तेरे साथ 'गुज़ारा' भी नहीं कर सकता.. और अफ़्सोस 'किनारा' भी नहीं कर सकता..!!

दुश्मन भी दुआ दें फितरत ऐसी है अपने ही दगा दे किस्मत ऐसी है!

अगर मुझमें कोई हुनर होता तो, मैं तुम्हें अपना कायल बना लेता, और जहान जीत लेता उस रोज, जब मैं तेरे पांवों में पायल पहना लेता..!!

ये किरदार जो नकली दुनिया कि तरकीबें सीख रहा था, वो अंदर ही अंदर पहले मैं कौन था कहकर चीख रहा था..!!

सोच रहा हूं कुछ दिनों के लिए गाजा पट्टी चला जाऊं उधर माहौल अच्छा है ...। यहां तो डर का माहौल है।

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