इस रात के पैरों में किसने ज़हर ए खंजर बांधें है रोज आशिकों की रूह पर नया निशान बनाती है

ख़ुशी हमदम अगर होती मुझे रोने को क्या होता ? उसे अगर पा लिया होता तो फिर खोने को क्या होता ?

जेब खाली होने पर टूट जाता है हर वो रिश्ता जो खास होता है , हाल पूछता है हर कोई जब पैसा आपके पास होता है...!!

सुध बुध खो कर सौंप दिया तुझको मुझमें जो भी था मेरा चाहे तो रख लो सहेज कर चाहे तो छोड़ दो तजकर

रिश्ते उन्ही से रखो जो समय आने पर , सहयोग और प्यार दिखाए' औकात नही ...

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