कुछ अजीब सा चल रहा है वक्त का ये सफर
एक गहरी सी खामोशी है खुद के अंदर!
एक हंसता खेलता
आंगन मेरा भी था
बलखाती इठलाती
रौनक ऐ जहां मेरी भी थी
पैरों के नीचे जन्नत
कहलवाने वाली माँ भी थी
एक कमजोर सा
बाप का साया था
जो मेरी हर जरूरत में
काम आया था
एक गौरैया दो बोलते...
सस्ते लोग ,
बड़े महंगे पड़ते है।
जन्म लेना भाग्य की बात है
मृत्यु आना समय की बात है
मृत्यु के बाद लोगो के दिलों में
रहना ये कर्मों की बात है।