मुझे भी सिखाओ तुम मुकरने का हुनर
थक गया हूं वादे निभाते निभाते!
बड़ा ही मुश्किल है
उस वक्त में मुस्कुराना
जब जिंदगी रुला रही हो
कितना आसान है
सब्र का टूट कर बिखर जाना
जब जिंदगी इम्तहान ले रही हो
चारो तरफ ही नज़रे फैलाते है
की कोई तो उम्मीद बची हो
और उस मझधार से
निकालने के लिए...
धर्म केवल रास्ता दिखाता है,
लेकिन मंजिल तक तो कर्म ही पहुँचाता है।
सागर सी जिंदगी का बेहतरीन पन्ना हो तुम,
ख्वाब ही सही मगर दिल की तमन्ना हो तुम।
जो कुछ भी आपने देर से सीखा,
अपने बच्चों को जल्दी सिखाएं।