किसी के साथ ऐसी बहस मत करो,
की बहस जीत जाओ मगर रिश्ता हार जाओ
हम को रोज़ी खींच लाई शहर के सहराओ में
फूल, तितली, एक लड़की रह गए सब गाँव में
आज शोहरत के सफ़र में याद आता है वो पल
अपना दिल रखा था हमने जब किसी के पाँव में..!!
हौसलों की उड़ान को रोक पाना
मुमकिन नहीं न मुमकिन है...!!
तुम निभा नहीं पाये वो अलग बात है,,,,,,
लेकिन वादे कमाल के किये थे तुमने,,,,,,✍️
ये चेहरे का गुस्सा महज एक बहाना है,
मेरी दुनिया मासूमियत का खजाना है!
मैं तो मुसाफ़िर हूँ, आया हूँ सैर करने यहाँ,
नफ़रत भरी दुनिया में न कोई घर बसाना है ¡!