रिश्ते कभी भी खत्म नहीं होते,
बस उनका रूप बदल जाता है......
थोड़ी सी आवारगी भी जरूरी है जिंदगी में,
कैद में रहकर परिंदे अक्सर उड़ना भूल जाते है।
प्यार नहीं था वो
था वो बस एक दिखावा,
छला दिल को उसने ऐसे
दिया दर्द मुझे ज़िंदगी भर का !!
खींच रहा है अपनी तरफ़ ये हमें
और हम इसकी तरफ़ खींचते चले जा भी रहे हैं,
दिल ओ दिमाग पर लगा दिया पहरा
अनेको उलझन में जकड़ कर रख दिया है,
कोई हो जो बच के दिखाए अब इससे
इससे बचना नामुमकिन अब...
भागदौड़ जिंदगी
सिमटी दुनियां
गिरफत में आंखे
हर वक्त देखे ...
बदला तस्वीर
बदलाव का बयार
एक पल को ओझल
अनदेखे रहा न जाए.!!
जहां तहां की खबरे
अखबारों सा व्यवहार
विपरीत प्रभाव
चस्का खराब ..!!