जिद्दी बनना सीखो.. क्योंकि हर चीज क़िस्मत में नहीं लिखी होती..!!

इश्क़ और सुबह की चाय दोनों एक समान होती हैं, हर बार वही नयापन, हर बार वही ताज़गी...

कैसे मनाऊंगा मैं दिवाली यारों, मेरे पास तो कोई पटाखा ही नही है...

उम्मीदों का दीया गर न होता बुझ जातीं जाने ज़िंदगियाँ कितनी

न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता । न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि ॥

Translate »